बिलासपुर – देवरीखुर्द क्षेत्र में राजस्व रिकॉर्ड की दोहरी प्रविष्टि और कूटरचित दस्तावेजों का उपयोग कर 30 साल पुरानी काबिज जमीन को दोबारा बेचने के मामले में बिलासपुर की सिविल लाइन पुलिस ने बड़ी कार्यवाही की है। पुलिस ने पीड़िता शशि बाई रजक की शिकायत पर त्वरित एक्शन लेते हुए मुख्य आरोपी व जमीन दलाल रमेश खत्री, संजय गढ़वाली एवं अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े का अपराध दर्ज कर आरोपी जमीन दलाल रमेश खत्री को गिरफ्तार कर लिया है।
30 साल पुरानी काबिज भूमि पर रचा गया षड्यंत्र
जूना बिलासपुर निवासी शशि बाई रजक ने 23 नवंबर 1992 को खसरा नंबर 98/14, रकबा 1308 वर्गफुट (3 डिसमिल) भूमि स्व. सरस्वती बाई गढ़वाली के तीनों वारिसों—विजय, अजय और संजय गढ़वाली से विधिवत रजिस्ट्री कराकर खरीदी थी। तब से पीड़िता इस भूमि पर काबिज है। लेकिन दिसंबर 2021 में जमीन दलाल रमेश खत्री ने राजस्व रिकॉर्ड की त्रुटि (एक ही जमीन के 98/14 और 98/3 दो खसरे दर्ज होना) का अनुचित लाभ उठाया।
वारिसों का नाम छुपाकर तहसील में दिया झूठा शपथ पत्र
स्व. सरस्वती बाई के तीन पुत्र होने की पुष्टि वर्ष 1992 की रजिस्ट्री से प्रमाणित होती है। इसके बावजूद जमीन दलाल रमेश खत्री ने आर्थिक तंगी से जूझ रहे संजय गढ़वाली के साथ मिलकर षड्यंत्र रचा। आरोपियों ने तहसील न्यायालय में नामांतरण आवेदन के दौरान बाकी दो वारिसों—अजय और विजय का नाम पूरी तरह छुपा दिया। उन्होंने संजय गढ़वाली को स्व. सरस्वती बाई का एकमात्र पुत्र बताते हुए झूठा शपथ पत्र प्रस्तुत किया और धोखे से नामांतरण करवा लिया। इसके अलावा वर्ष 1992 में मृत हो चुकी सरस्वती बाई का वर्ष 2021 में फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर 09 दिसंबर 2021 को फर्जी चौहाद्दी दर्ज कर यह भूमि उर्मिला गुलहरे को दोबारा बेच दी गई।
चौहाद्दी और सीमांकन रिपोर्ट ने खोला राज
खरीदार उर्मिला गुलहरे के पति सुशील गुलहरे की वर्ष 1993 की रजिस्ट्री की पूर्व चौहाद्दी में शशि बाई रजक के नाम का स्पष्ट उल्लेख है। वहीं, 19 सितंबर 2022 को हुई राजस्व टीम की सीमांकन रिपोर्ट में भी अनावेदक पक्ष के दावे को खारिज कर शशि बाई के कब्जे को वैध ठहराया गया था।
सिविल लाइन पुलिस की सख्त कार्यवाही
मामले में थाना सिविल लाइन में आरोपी रमेश खत्री, संजय गढ़वाली व अन्य सहयोगियों के विरुद्ध अपराध दर्ज कर धारा 420, 467, 468, 471, 34 IPC के तहत मामला पंजीकृत किया गया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी दलाल रमेश खत्री को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि षड्यंत्र में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
