बिलासपुर में सिंधी युवक समिति के अध्यक्ष पद को लेकर तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई है। समिति के सदस्यों ने एक बार फिर मनीष लाहोरानी पर भरोसा जताते हुए उन्हें वर्ष 2026 से 2028 तक के लिए सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुन लिया। चुनाव में किसी तरह का विरोध या मुकाबला देखने को नहीं मिला और सभी सदस्यों की सहमति से मनीष लाहोरानी को दोबारा नेतृत्व की जिम्मेदारी सौंपी गई।
सिंधु विद्या मंदिर, सिंधी कॉलोनी में समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सबसे पहले पिछले दो वर्षों के कार्यकाल का आय-व्यय प्रस्तुत किया गया। इसके बाद समिति के पदाधिकारियों ने अपने इस्तीफे चुनाव अधिकारी अमर बजाज को सौंप दिए। चुनाव अधिकारी अमर बजाज और मनोहर खटवानी की मौजूदगी में चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
अध्यक्ष पद के लिए मनीष लाहोरानी के नाम पर सभी सदस्यों ने अपनी सहमति जताई। किसी अन्य नाम का प्रस्ताव नहीं आने के बाद उन्हें निर्विरोध अध्यक्ष घोषित किया गया। दोबारा जिम्मेदारी मिलने के बाद समर्थकों और समाज के सदस्यों ने फूलमाला पहनाकर उनका स्वागत किया।
समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि मनीष लाहोरानी के पिछले कार्यकाल में समिति ने कई सामाजिक और सेवा से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाया। उनकी कार्यशैली और समाज को साथ लेकर चलने के प्रयासों को देखते हुए सदस्यों ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया है।
दोबारा अध्यक्ष चुने जाने के बाद मनीष लाहोरानी ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आने वाले कार्यकाल में सिंधी समाज की एकता और अखंडता को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही समाज के हर वर्ग को साथ लेकर सेवा और सामाजिक गतिविधियों को और विस्तार देने का प्रयास किया जाएगा।
मनीष लाहोरानी का सर्वसम्मति से दोबारा अध्यक्ष चुना जाना सिंधी समाज में एकजुटता की तस्वीर भी पेश करता है। चुनाव प्रक्रिया के दौरान सदस्यों के बीच आपसी सहमति रही और बिना किसी विरोध के नेतृत्व की जिम्मेदारी फिर मनीष लाहोरानी को सौंप दी गई।अब नए कार्यकाल में समिति के सामने समाज की एकता, सेवा गतिविधियों और युवाओं की भागीदारी को और मजबूत करने की चुनौती होगी। वहीं मनीष लाहोरानी ने सभी को साथ लेकर आगे बढ़ने का भरोसा दिलाया है।
