समय का हम आदर करना सीखें। वर्तमान ही भविष्य निर्माण की आधारशिला है। भविष्य की कल्पना की जा सकती है और जो बीत गया है, वहां की केवल स्मृतियां हमारे पास हैं। स्मृतियों के जगत से हम शिक्षित हो सकते हैं, बेहतर हो सकते हैं और भविष्य के लिए अच्छी योजनाएं बना सकते हैं। आज जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र में जानिए समय का सही इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं? आज का जीवन सूत्र जानने के लिए ऊपर फोटो पर क्लिक करें।
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