अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को एक बार फिर से ब्रिक्स देशों को चेतावनी दी कि अगर वे अमेरिका के खिलाफ काम करेंगे तो उन्हें भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने खास तौर पर ब्रिक्स समूह के सदस्य देशों से होने वाले आयात पर 10% टैरिफ लगाने की बात दोहराई। ट्रम्प ने कहा, जब मैंने पहली बार ब्रिक्स ग्रुप के बारे में सुना- छह देश हैं इसमें… मैंने उन पर बहुत सख्ती से कार्रवाई की। अगर यह समूह कभी भी मजबूत तरीके से सामने आता है तो यह बहुत जल्द खत्म हो जाएगा। ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि ब्रिक्स देशों की डॉलर को चुनौती देने की कोशिशें नाकाम हो रही हैं। उन्होंने कहा, ब्रिक्स नाम का एक छोटा समूह है, जो अब तेजी से कमजोर पड़ रहा है। इस बार ट्रम्प ने अपने भाषण में किसी देश का नाम तो नहीं लिया, लेकिन कहा कि हम किसी को भी अपने साथ खेलने की इजाजत नहीं दे सकते। इसके साथ ही ट्रम्प ने यह भी दोहराया कि वे अमेरिकी डॉलर को वैश्विक रिजर्व करेंसी बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि डॉलर का दर्जा छिनना किसी विश्व युद्ध को हारने जैसा होगा। हम डॉलर को गिरने नहीं देंगे। अगर डॉलर ने अपनी वैश्विक रिजर्व करेंसी की हैसियत खो दी तो वो ऐसा होगा जैसे हम विश्व युद्ध हार गए हों। उन्होंने यह भी साफ किया कि वे अमेरिका में डिजिटल डॉलर जैसी किसी भी केंद्रीय बैंक की डिजिटल मुद्रा (CBDC) को लागू नहीं होने देंगे। अंतरराष्ट्रीय मुद्दों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… अमेरिका ने कहा- इजराइल और सीरिया में सीजफायर पर सहमति, 300 से ज्यादा की मौत के बाद फैसला अमेरिका ने शुक्रवार को इजराइल और सीरिया के बीच सीफायर पर सहमति होने की बात कही है। सीरिया के दक्षिणी इलाके स्वेदा में पिछले 6 दिनों से शिया ड्रूज और सुन्नी बेदोईन समुदाय के बीच जारी हिंसा में 300 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। यह झड़पें रविवार को तब शुरू हुईं जब स्वेदा में बेदोइन समुदाय के कुछ लोगों ने एक ड्रूज पर हमला करके उसे लूट लिया। इसके बाद ड्रूज मिलिशिया और बेडोइन ग्रुप्स के बीच झड़प शुरू हो गई। इसे रोकने के लिए सरकार ने सेना भेजी, जिससे नाराज होकर इजराइल ने सीरिया पर हमले शुरू कर दिया था। इजराइल का कहना था कि वह ड्रूज समुदाय की रक्षा करना चाहता है। यह समुदाय एक छोटा लेकिन असरदार अल्पसंख्यक समूह है, जो सीरिया के अलावा लेबनान और इजराइल में भी रहता है। तुर्की में अमेरिका के राजदूत टॉम बैरक ने सोशल मीडिया पर बताया कि इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा ने अमेरिका के समर्थन से युद्धविराम को मंजूरी दी है। इस फैसले में तुर्की, जॉर्डन और कुछ अन्य देशों ने भी मदद की। EU ने रूस पर नए प्रतिबंध लगाए, गुजरात की वाडीनार रिफाइनरी शामिल यूरोपीय संघ (EU) ने यूक्रेन के खिलाफ युद्ध को लेकर रूस पर प्रतिबंधों के एक नए पैकेज की घोषणा की है। इसमें गुजरात स्थित नायरा एनर्जी की वाडीनार रिफाइनरी का भी नाम शामिल है , जिसमें रूसी ऊर्जा कंपनी रोसनेफ्ट की बड़ी हिस्सेदारी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत किसी भी एकतरफा प्रतिबंधों को नहीं मानता। भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा को बहुत महत्व देता है, ताकि देशवासियों की बुनियादी जरूरतें पूरी हो सकें। उन्होंने कहा कि ऊर्जा व्यापार में दोहरे मापदंड नहीं होने चाहिए। EU ने रूस से आने वाले रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों पर रोक लगाई है और तेल की कीमतों की अधिकतम मूल्य को और कम किया है। साथ ही, 105 और शैडो फ्लीट जहाजों पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं। EU की विदेश नीति प्रमुख काजा कैलास ने इसे अब तक का सबसे मजबूत प्रतिबंध पैकेज बताया। जायसवाल ने कहा कि भारत एक जिम्मेदार देश है और अपने कानूनी दायित्वों को पूरी तरह निभाता है। अमेरिकी न्याय विभाग ने जेफ्री एपस्टीन मामले में ग्रैंड जूरी के दस्तावेज सार्वजनिक करने को कहा अमेरिकी न्याय विभाग ने शुक्रवार को जेफ्री एपस्टीन मामले में ग्रैंड जूरी के दस्तावेजों को सार्वजनिक करने को कहा है। यह आदेश ऐसे समय में आया है जब प्रशासन पर एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों को छिपाने का आरोप लग रहा है। उप अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने अदालत में याचिका दायर कर एपस्टीन की जांच और ब्रिटिश सोशलाइट गिस्लेन मैक्सवेल के सबूत रिकॉर्ड जारी करने की मांग की है। इससे कुछ दिन पहले ही न्याय विभाग ने कहा था कि वह एपस्टीन से जुड़े और सबूत जारी नहीं करेगा। इस फैसले पर ट्रम्प के समर्थकों सहित कई लोगों ने नाराजगी जताई थी। अमेरिकी संसद के स्पीकर माइक जॉनसन के जेफ्री एप्सटीन से जुड़े दस्तावेज सामने लाने की मांग के बाद डोनाल्ड ट्रम्प ने अटॉनी जनरल पाम बॉन्डी से विश्वसनीय जानकारी सार्वजनिक करने को कहा था । हालांकि, पहले ट्रम्प ने कहा था कि एप्सटीन का मामला अब पुराना है और देश को आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने बॉन्डी का समर्थन करते हुए कहा कि वह जो दस्तावेज ठीक समझें, उन्हें जारी कर सकती हैं। बॉन्डी ने एप्सटीन पर सवालों से बचते हुए कहा था कि उनका ध्यान ड्रग्स और मानव तस्करी जैसे बड़े मुद्दों पर है। एप्सटीन एक फाइनेंसर थे, जिन्होंने 2019 में जेल में आत्महत्या कर ली थी। उन पर सेक्स ट्रैफिकिंग के गंभीर आरोप थे। ट्रम्प ने कहा- मुझे लगता है सच में पांच जेट गिरे थे, भारत-पाकिस्तान संघर्ष रोकने का फिर दावा किया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को फिर से भारत पाकिस्तान संघर्ष को रोकने का झूठा दावा किया ।
ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने व्यापार समझौते की सहायता से तनाव को रोका। उन्होंने कहा- हमने कई युद्ध रोके और ये गंभीर युद्ध भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे थे। वहां से विमानों को मार गिराया जा रहा था। मुझे लगता है कि वास्तव में पांच जेट मार गिराए गए थे। ये दो गंभीर परमाणु संपन्न देश हैं, और वे एक-दूसरे पर हमला कर रहे थे। इससे पहले सोमवार को ट्रम्प ने अपने इस दावे को दोहराया था कि उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले के बाद हाल ही में भारत – पाकिस्तान संघर्ष को बढ़ने से रोक दिया था ।
ट्रम्प ने ये टिप्पणियां नाटो के महासचिव मार्क रूट के साथ अपनी बैठक के दौरान कीं। ट्रम्प ने कहा, “हम युद्धों को निपटाने में बहुत सफल रहे हैं।” उन्होंने व्यापार को लाभ के रूप में इस्तेमाल करने की अपनी रणनीति की ओर इशारा करते हुए कहा, “हमने व्यापार के माध्यम से ऐसा किया। मैंने कहा था कि जब तक आप इस मामले को सुलझा नहीं लेते, हम आपसे व्यापार के बारे में बात नहीं करेंगे, और उन्होंने ऐसा किया।”

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